मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 329 दिन की देरी से अपील दायर करने पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएमएचओ और ओआईसी पर 3 लाख रुपए की कॉस्ट लगाई है। जानिए पूरा मामला।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि एससी/एसटी एक्ट की एफआईआर और चार्जशीट रद्द होने पर पीड़ित वित्तीय मुआवजे के हकदार नहीं हैं। जानिए इस मामले की पूरी डिटेल।














